निम्नलिखित में से कौन-सी पद्धति, शिक्षार्थियों की सक्रिय भागीदारी पर बल देती…

2025

निम्नलिखित में से कौन-सी पद्धति, शिक्षार्थियों की सक्रिय भागीदारी पर बल देती है और करके सीखने (learning by doing) के सिद्धांत पर आधारित है?

Answer: A. अनुभवात्मक शिक्षण पद्धति (Experiential learning method)संकल्पनाशिक्षण की विभिन्न पद्धतियाँ मुख्यतः इस आधार पर एक-दूसरे से भिन्न होती हैं कि अधिगम का प्राथमिक स्रोत कहाँ रखा गया है — शिक्षक का मौखिक कथन, पहले से…

  1. A.

    अनुभवात्मक शिक्षण पद्धति (Experiential learning method)

  2. B.

    अंत:प्रज्ञा पद्धति (Intuition method)

  3. C.

    व्याख्यान पद्धति (Lecture method)

  4. D.

    निगमन पद्धति (Deductive method)

Attempted by 12 students.

Show answer & explanation

Correct answer: A

संकल्पना

शिक्षण की विभिन्न पद्धतियाँ मुख्यतः इस आधार पर एक-दूसरे से भिन्न होती हैं कि अधिगम का प्राथमिक स्रोत कहाँ रखा गया है — शिक्षक का मौखिक कथन, पहले से दिया गया कोई सामान्य नियम, मन में सहसा उठने वाली अंतर्दृष्टि, अथवा स्वयं शिक्षार्थी की क्रिया।

जॉन डीवी तथा डेविड कोल्ब द्वारा प्रतिपादित अनुभवात्मक अधिगम का मूल सिद्धांत यह है कि ज्ञान शिक्षार्थी के अपने ठोस अनुभव तथा उस अनुभव पर किए गए चिंतन से निर्मित होता है। इसी सिद्धांत को “करके सीखना” (learning by doing) कहा जाता है, और यही शिक्षार्थी की सक्रिय भागीदारी को अनिवार्य बना देता है।

अनुप्रयोग

  1. प्रश्न में दो कसौटियाँ एक साथ दी गई हैं — (क) शिक्षार्थियों की सक्रिय भागीदारी पर बल, तथा (ख) “करके सीखने” के सिद्धांत पर आधार।

  2. कोल्ब चक्र के चारों चरण — ठोस अनुभव, चिंतनशील अवलोकन, अमूर्त संकल्पनाकरण तथा सक्रिय प्रयोग — शिक्षार्थी स्वयं पूरे करता है; अर्थात् अधिगम का आरंभ-बिंदु ही उसकी अपनी क्रिया होती है।

  3. क्रिया आरंभ-बिंदु होने से भागीदारी स्वतः सक्रिय हो जाती है और अनुभव पर किया गया चिंतन उसे ज्ञान में बदल देता है; इस प्रकार दोनों कसौटियाँ एक ही पद्धति में एक साथ पूरी होती हैं — अनुभवात्मक शिक्षण पद्धति।

तुलनात्मक जाँच

पद्धति

अधिगम का प्राथमिक स्रोत

अनुभवात्मक शिक्षण पद्धति

शिक्षार्थी द्वारा स्वयं किया गया ठोस अनुभव तथा उस पर चिंतन

अंत:प्रज्ञा पद्धति

बिना चरणबद्ध तर्क के मन में उठी तत्काल अंतर्दृष्टि

व्याख्यान पद्धति

शिक्षक का पूर्वनियोजित क्रम में निरंतर मौखिक प्रस्तुतीकरण

निगमन पद्धति

पहले से बताया गया सामान्य नियम, जिसे विशिष्ट उदाहरणों पर लागू किया जाता है

इस तालिका से स्पष्ट है कि शेष तीनों पद्धतियों में अधिगम का आरंभ शिक्षार्थी की अपनी क्रिया से नहीं होता, अतः “करके सीखने” की कसौटी उन पर पूरी नहीं उतरती।

निष्कर्ष: शिक्षार्थियों की सक्रिय भागीदारी पर बल देने वाली तथा “करके सीखने” के सिद्धांत पर आधारित पद्धति अनुभवात्मक शिक्षण पद्धति (Experiential learning method) है।

Explore the full course: Dsssb Tgt Computer Science Paper 2

Loading lesson…