‘घर का दीपक बुझ जाना’ मुहावरे का सही अर्थ क्या होगा?
2026
‘घर का दीपक बुझ जाना’ मुहावरे का सही अर्थ क्या होगा?
Answer: D. निर्वंश हो जाना — मुहावरे ऐसे स्थिर वाक्यांश होते हैं जिनका शाब्दिक नहीं बल्कि लाक्षणिक अर्थ ग्रहण किया जाता है। परिवार और वंश-परंपरा से संबंधित हिंदी मुहावरों में…
- A.
कलह करना
- B.
अप्रभावित व्यवहार करना
- C.
अलग हो जाना
- D.
निर्वंश हो जाना
Attempted by 272 students.
Show answer & explanation
Correct answer: D
मुहावरे ऐसे स्थिर वाक्यांश होते हैं जिनका शाब्दिक नहीं बल्कि लाक्षणिक अर्थ ग्रहण किया जाता है। परिवार और वंश-परंपरा से संबंधित हिंदी मुहावरों में 'दीपक/चिराग़' शब्द पारंपरिक रूप से पुत्र या वंश चलाने वाले उत्तराधिकारी का प्रतीक माना जाता है, और उसका 'बुझना/गुल होना' उस उत्तराधिकारी की अनुपस्थिति या समाप्ति को दर्शाता है।
इसी परंपरा के अनुसार 'घर का दीपक बुझ जाना' मुहावरे में 'दीपक' परिवार के वंश-प्रतीक तथा 'बुझ जाना' उसके समाप्त होने का भाव देता है। अतः पूरे मुहावरे का अर्थ हुआ — परिवार में वंश को आगे बढ़ाने वाला कोई शेष न रहना, अर्थात 'निर्वंश हो जाना'।
शेष विकल्प इस लाक्षणिक अर्थ से मेल नहीं खाते: "कलह करना" पारस्परिक विवाद का सूचक है, न कि वंश-समाप्ति का; "अप्रभावित व्यवहार करना" भावनात्मक तटस्थता दर्शाता है, जिसका दीपक-प्रतीक से कोई संबंध नहीं; और "अलग हो जाना" केवल पृथक्करण का भाव देता है, वंश के पूर्ण अंत का नहीं। स्थापित हिंदी मुहावरा-कोशों में भी 'दीपक/चिराग़ बुझना' का यही अर्थ — पुत्र की मृत्यु और वंश का अंत — दर्ज है, जो इस मुहावरे के सही अर्थ की पुष्टि करता है।