किसी राज्य का राज्यपाल अपना इस्तीफा ______ को संबोधित करेगा।

2025

किसी राज्य का राज्यपाल अपना इस्तीफा ______ को संबोधित करेगा।

Answer: D. भारत के राष्ट्रपतिसंकल्पना — भारतीय संविधान का अनुच्छेद 156 राज्यपाल के पद की अवधि से संबंधित प्रावधान करता है। अनुच्छेद 156(1) के अनुसार राज्यपाल राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत…

  1. A.

    भारत के प्रधानमंत्री

  2. B.

    संबंधित राज्य के मुख्यमंत्री

  3. C.

    केंद्रीय गृह मंत्री

  4. D.

    भारत के राष्ट्रपति

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Correct answer: D

संकल्पना — भारतीय संविधान का अनुच्छेद 156 राज्यपाल के पद की अवधि से संबंधित प्रावधान करता है। अनुच्छेद 156(1) के अनुसार राज्यपाल राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत अपना पद धारण करता है, तथा अनुच्छेद 156(2) के अनुसार राज्यपाल अपने हस्ताक्षर सहित लिखित त्यागपत्र राष्ट्रपति को संबोधित करके अपना पद त्याग सकता है। इस प्रकार के प्रश्नों में ध्यान रखने योग्य बात यह है कि त्यागपत्र का संबोधन-प्राधिकारी प्रशासनिक अनुमान या पदानुक्रम से तय नहीं होता — संविधान प्रत्येक उच्च पद के लिए उसे संबंधित अनुच्छेद में स्पष्ट रूप से नामित करता है, और उत्तर उसी पाठ से पढ़ा जाता है।

अनुप्रयोग — यहाँ पूछा गया है कि राज्यपाल अपना त्यागपत्र किसे संबोधित करेगा। अनुच्छेद 156(2) इस प्रयोजन के लिए स्पष्ट रूप से भारत के राष्ट्रपति को नामित करता है, और यह भी अपेक्षित करता है कि त्यागपत्र लिखित हो तथा राज्यपाल के स्वयं के हस्ताक्षर से युक्त हो। इस अनुच्छेद में किसी अन्य संघीय या राज्य-स्तरीय पदाधिकारी को संबोधन-प्राधिकारी के रूप में नहीं जोड़ा गया है।

तुलना — शेष विकल्पों में उल्लिखित पदाधिकारियों की संवैधानिक भूमिका इस प्रक्रिया से भिन्न है:

  • भारत के प्रधानमंत्री — संघ की मंत्रिपरिषद के प्रमुख; अनुच्छेद 156 उन्हें राज्यपाल के त्यागपत्र से संबंधित कोई भूमिका प्रदान नहीं करता।

  • संबंधित राज्य के मुख्यमंत्री — राज्य मंत्रिपरिषद के प्रमुख; किंतु राज्यपाल की नियुक्ति और उसका त्यागपत्र दोनों अनुच्छेद 155 तथा 156 द्वारा संघीय स्तर पर शासित हैं, राज्य मंत्रिपरिषद द्वारा नहीं।

  • केंद्रीय गृह मंत्री — गृह मंत्रालय केंद्र-राज्य प्रशासनिक समन्वय देखता है; किंतु किसी मंत्रालय के माध्यम से पत्राचार होना और संविधान द्वारा नामित संबोधन-प्राधिकारी होना दो भिन्न बातें हैं, और अनुच्छेद 156(2) में गृह मंत्री का उल्लेख नहीं है।

प्रति-परीक्षण — राज्यपाल के संदर्भ में यह निष्कर्ष अनुच्छेद 155 से भी संगत है, जिसके अंतर्गत राज्यपाल की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा अपने हस्ताक्षर और मुद्रा सहित अधिपत्र द्वारा की जाती है — अर्थात् इस विशिष्ट पद पर नियुक्ति और उससे त्यागपत्र, दोनों राष्ट्रपति से जुड़े हैं। यह संगति केवल राज्यपाल के पद तक सीमित है, कोई सार्वभौमिक नियम नहीं: उपराष्ट्रपति निर्वाचित होते हैं, फिर भी उनका त्यागपत्र राष्ट्रपति को संबोधित होता है (अनुच्छेद 67(क)), और राष्ट्रपति का त्यागपत्र उपराष्ट्रपति को संबोधित होता है (अनुच्छेद 56(1)(क))। प्रत्येक स्थिति में संबोधन-प्राधिकारी संबंधित अनुच्छेद के पाठ से ही निर्धारित होता है। अतः राज्यपाल अपना त्यागपत्र भारत के राष्ट्रपति को संबोधित करेगा।

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