'कबीर' का संबंध किस काव्यधारा से है?

2018

'कबीर' का संबंध किस काव्यधारा से है?

Answer: B. ज्ञानमार्गी निर्गुण भक्तिधारासही उत्तर: ज्ञानमार्गी निर्गुण भक्तिधारा संक्षिप्त कारण: निर्गुण उपासना: कबीर का केंद्र बिंदु ईश्वर का 'निर्गुण' (रूपरहित) स्वरूप था; वे मूर्तिपूजा और बाह्य…

  1. A.

    कृष्ण भक्तिधारा

  2. B.

    ज्ञानमार्गी निर्गुण भक्तिधारा

  3. C.

    राम भक्तिधारा

  4. D.

    प्रेममार्गी सूफी काव्यधारा

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Correct answer: B

सही उत्तर: ज्ञानमार्गी निर्गुण भक्तिधारा

संक्षिप्त कारण:

  • निर्गुण उपासना: कबीर का केंद्र बिंदु ईश्वर का 'निर्गुण' (रूपरहित) स्वरूप था; वे मूर्तिपूजा और बाह्य अनुष्ठानों की आलोचना करते हैं।

  • ज्ञानमार्ग का जोर: कबीर ने आन्तरिक आत्म-ज्ञान, सीधे अनुभव और सत्संग/सत्कार्य से मुक्ति को महत्व दिया; उनका काव्य तर्क व अनुभूति पर आधारित है।

  • रिवाजों व वर्ग व्यवस्था पर समालोचना: कबीर ने-ब्राह्मणवाद, औपचारिक धर्म-कर्म और जातिगत भेदभाव की तीव्र निंदा की, जो निर्गुण-ज्ञानपरक दृष्टिकोण से मेल खाती है।

  • सांस्कृतिक प्रभाव: सूफी और भक्ति दोनों परंपराओं से प्रभावित होते हुए भी कबीर की मुख्य पहचान निर्गुण-ज्ञानमार्गी भक्ति के रूप में स्थापित होती है।

उदाहरण (संक्षेप): कबीर की दोहा-शैली सरल होते हुए भी गहरा दार्शनिक संदेश देती है, जो आन्तरिक ज्ञान और अनुभव पर बल देती है।

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