निम्नलिखित गद्यांश को पढ़िए और दिए गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए: नारीवाद एक…
2023
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़िए और दिए गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए:
नारीवाद एक अधि-विचारधारा है जो हाल के दशकों में सामाजिक विज्ञान के अनेक क्षेत्रों में ध्यान आकर्षित करता रहा है। अंतर्राष्ट्रीय संबंधों में लिंग की विषयवस्तु शामिल किए जाने की शुरुआत पुरुषों और महिलाओं के बीच मूलभूत असमानताओं तथा वैश्विक राजनीति पर ऐसी असमानताओं के प्रभाव पर होने वाली बहस से होती है। वैश्विक लैंगिक मुद्दों पर उल्लेखनीय कृतियों में यह दलील दी गई है कि पुरुषों की तुलना में महिलाएँ वंचित समूह हैं। उनके पास विश्व की सम्पत्ति का लगभग 1 प्रतिशत है और 5 प्रतिशत से कम महिलाएँ उच्चतर संगठनों और पदों के शीर्ष पर हैं, जबकि महिलाएँ कुल कार्य का 60 प्रतिशत करती हैं, उन्हें कुल आय का मात्र 10 प्रतिशत प्राप्त होता है। उनकी स्थिति शोचनीय है क्योंकि उनमें निरक्षरता दर अधिक है; सभी निरक्षरों का 60 प्रतिशत महिलाएँ हैं और सभी शरणार्थियों का 80 प्रतिशत महिलाएँ हैं। पूरे विश्व में लिंग के आधार पर भेदभाव प्रत्यक्ष है।
विश्व की राजनीति पर लिंग-संवेदी फोकस का उद्देश्य ऐसी चुनौतियों को प्रकाश में लाना है। यह अंतर्राष्ट्रीय राजनीतिक और आर्थिक प्रणालियों के कार्यकरण की ओर इशारा करता है जिनकी प्रवृत्ति महिलाओं के लिए अल्पसुविधायुक्त स्थिति पैदा करती है। जैकी ट्रू ने यह बताया कि बढ़ते 'गरीबी के नारीकरण' में अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) और विश्व बैंक द्वारा अपनायी गयी ढाँचागत समायोजन की आर्थिक विकास नीतियां और श्रम के अंतर्राष्ट्रीय विभाजन में परिवर्तन का योगदान है। निर्यात प्रसंस्करण क्षेत्र में कम मजदूरी का भुगतान कर अत्यधिक कठिन कार्य, यौन पर्यटन और प्रवासी घरेलू श्रमिक इस बात के उदाहरण हैं कि अंतर्राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था के विकास के क्रम में कैसे महिलाओं का शोषण होता है। अनेक दशकों से कार्यस्थलों में महिलाओं की भागीदारी की उच्च दरों के बाद भी उन्नत औद्योगिक समाज में विभिन्न रूपों में लैंगिक असमानताएँ और भेदभाव पाए जाते हैं।
महिलाओं को लैंगिक असमानता और भेदभाव का सामना करना पड़ता है :
Answer: C. पूरे विश्व में — अवधारणा: गद्यांश-आधारित प्रश्न में सही विकल्प वही होता है जो गद्यांश में स्पष्ट रूप से कही गई बात से सीधे मेल खाता हो — न कि गद्यांश में दिए गए किसी संकुचित…
- A.
विकासशील देशों में
- B.
विकसित देशों में
- C.
पूरे विश्व में
- D.
अत्यधिक औद्योगिकीकृत समाज में
Attempted by 8 students.
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Correct answer: C
अवधारणा: गद्यांश-आधारित प्रश्न में सही विकल्प वही होता है जो गद्यांश में स्पष्ट रूप से कही गई बात से सीधे मेल खाता हो — न कि गद्यांश में दिए गए किसी संकुचित उदाहरण से, और न ही ऐसी किसी व्यापक बात से जो गद्यांश में कही ही नहीं गई। जब गद्यांश एक सामान्य कथन और उसे समर्थन देने वाला विशिष्ट उदाहरण दोनों देता है, तो प्रश्न जिस बात का दायरा पूछ रहा है वह सामान्य कथन ही होता है।
अनुप्रयोग: गद्यांश में स्पष्ट रूप से यह कथन दिया गया है: 'पूरे विश्व में लिंग के आधार पर भेदभाव प्रत्यक्ष है।' यह दायरे का एक सीधा, स्वतंत्र कथन है, जो विकल्प 'पूरे विश्व में' से लगभग शब्दशः मेल खाता है। संपत्ति स्वामित्व, शीर्ष प्रबंधन में भागीदारी, आय हिस्सेदारी, साक्षरता और शरणार्थी आँकड़ों जैसे शेष सभी विवरण इसी एक सामान्य कथन के समर्थन में प्रमाण के रूप में दिए गए हैं, न कि किसी अलग, संकुचित निष्कर्ष के रूप में।
तुलना/जाँच: गद्यांश में कहीं भी 'विकासशील देशों' को स्पष्ट रूप से दायरे के रूप में नहीं बताया गया है; अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष/विश्व बैंक की संरचनात्मक समायोजन नीतियाँ और निर्यात प्रसंस्करण क्षेत्र के श्रम का उल्लेख बिना किसी देश-समूह का नाम लिए हुआ है। 'विकसित देशों में' गद्यांश में दायरे के रूप में कहीं भी कथित नहीं है। 'अत्यधिक औद्योगिकीकृत समाज में' का उल्लेख गद्यांश के एक अन्य भाग में केवल एक और स्थान के रूप में हुआ है जहाँ दशकों की भागीदारी के बावजूद असमानता बनी रहती है — यह भी गद्यांश के व्यापक, स्पष्ट वैश्विक कथन के भीतर का एक विशिष्ट उदाहरण है, स्वयं वह कथन नहीं।
निष्कर्ष: चूँकि गद्यांश भेदभाव के दायरे को एक अबाधित, स्वतंत्र वाक्य में बताता है — 'पूरे विश्व में' — और शेष सभी विकल्प इस कथित निष्कर्ष के बजाय किसी संकुचित समर्थक विवरण से मेल खाते हैं, इसलिए सही उत्तर 'पूरे विश्व में' है।