निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प…
2024
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए :
विभिन्न भाषाओं में साहित्य की विशिष्ट विधा के रूप में संस्मरण का महत्वपूर्ण स्थान है। हिन्दी में भी संस्मरण लिखने की एक सुदीर्घ परंपरा है। जनमन की जीवन-यात्रा की अंतरंग छवियों को संस्मरण कह सकते हैं। संस्मरणों में, जीवन में आने वाले व्यक्तियों, पात्रों, स्थानों और घटनाओं की अंतरंग छवियाँ प्रस्तुत की जाती है। इसीलिए इसमें साधारण से साधारण और महत्वपूर्ण से महत्वपूर्ण पात्र और प्रसंग शामिल होते हैं। कई बार साहित्यकार अपने संस्मरण को एक व्यापक यथार्थ से ही जोड़कर रखते हैं तो कई बार उसमें अपनी कल्पना का भी पुट भर देते हैं। कुछ साहित्यकार अपने संस्मरण के माध्यम से मानवीय सरोकारों को भी अभिव्यक्त करते हैं।
गद्यांश के संदर्भ में कौन-सा वाक्य सही नहीं है?
Answer: D. संस्मरण केवल हिंदी साहित्य की ही विधा है। — संकल्पनाअपठित गद्यांश के प्रश्नों में प्रत्येक कथन को गद्यांश की स्पष्ट सूचना और उसके दायरे से मिलाया जाता है। किसी कथन में “केवल” जैसे सीमाबोधक शब्द हों, तो…
- A.
संस्मरण में साधारण व विशिष्ट हर तरह के प्रसंग शामिल होते हैं।
- B.
साहित्यकार संस्मरण में अपनी कल्पना का भी पुट भर देते हैं।
- C.
संस्मरण का विशिष्ट विधा के रूप में महत्वपूर्ण स्थान है।
- D.
संस्मरण केवल हिंदी साहित्य की ही विधा है।
Attempted by 6 students.
Show answer & explanation
Correct answer: D
संकल्पना
अपठित गद्यांश के प्रश्नों में प्रत्येक कथन को गद्यांश की स्पष्ट सूचना और उसके दायरे से मिलाया जाता है। किसी कथन में “केवल” जैसे सीमाबोधक शब्द हों, तो यह भी जाँचना चाहिए कि गद्यांश उस विषय को व्यापक दायरे में रखता है या सीमित दायरे में।
अनुप्रयोग
गद्यांश पहले ही वाक्य में संस्मरण को विभिन्न भाषाओं के साहित्य में महत्वपूर्ण विधा बताता है और आगे कहता है कि हिंदी में भी इसकी सुदीर्घ परंपरा है। इसलिए हिंदी को अनेक भाषाओं में से एक बताया गया है, संस्मरण की एकमात्र भाषा नहीं।
तुलना
“साधारण व विशिष्ट हर तरह के प्रसंग” वाला कथन साधारण से महत्वपूर्ण तक पात्रों और प्रसंगों के समावेश से मेल खाता है।
“कल्पना का पुट” वाला कथन साहित्यकार द्वारा संस्मरण में कल्पना मिलाने की बात से मेल खाता है।
“विशिष्ट विधा के रूप में महत्वपूर्ण स्थान” वाला कथन गद्यांश के आरंभिक विचार को व्यक्त करता है।
“केवल हिंदी साहित्य की विधा” वाला कथन “विभिन्न भाषाओं” के व्यापक दायरे को एक भाषा तक सीमित कर देता है।
परिणाम
अतः गद्यांश के संदर्भ में असंगत वाक्य है: “संस्मरण केवल हिंदी साहित्य की ही विधा है।”