दिए गए विकल्पों में से सही कथन का चयन करें।
2025
दिए गए विकल्पों में से सही कथन का चयन करें।
Answer: C. क्रियाप्रसूत अनुकूलन सिद्धांत बी. एफ. स्किनर (B. F. Skinner) द्वारा प्रतिपादित किया गया था। — संकल्पनाअधिगम सिद्धांत व्यवहार को परिवर्तित करने वाली प्रक्रिया के आधार पर शास्त्रीय अनुकूलन, क्रियाप्रसूत अनुकूलन और प्रयास एवं त्रुटि अधिगम में भेद करते…
- A.
एडवर्ड थॉर्नडाइक (Edward Thorndike) को व्यवहारवाद के जनक के रूप में जाना जाता है।
- B.
प्रयास एवं त्रुटि द्वारा अधिगम इवान पावलोव (Ivan Pavlov) द्वारा प्रतिपादित किया गया था।
- C.
क्रियाप्रसूत अनुकूलन सिद्धांत बी. एफ. स्किनर (B. F. Skinner) द्वारा प्रतिपादित किया गया था।
- D.
जॉन बी. वॉटसन (John B. Watson) ने शास्त्रीय अनुकूलन सिद्धांत प्रतिपादित किया था।
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Correct answer: C
संकल्पना
अधिगम सिद्धांत व्यवहार को परिवर्तित करने वाली प्रक्रिया के आधार पर शास्त्रीय अनुकूलन, क्रियाप्रसूत अनुकूलन और प्रयास एवं त्रुटि अधिगम में भेद करते हैं।
क्रियाप्रसूत अनुकूलन में किसी अनुक्रिया के बाद आने वाले परिणाम उस अनुक्रिया की भावी संभाव्यता को परिवर्तित करते हैं: पुनर्बलन इसे बढ़ाता है, जबकि दंड इसे घटाता है।
अनुप्रयोग
क्रियाप्रसूत अनुकूलन के सिद्धांत का प्रतिपादन बी. एफ. स्किनर द्वारा किए जाने वाला कथन इस भेद के अनुरूप है। स्किनर ने थॉर्नडाइक के प्रभाव के नियम के आधार पर क्रियाप्रसूत व्यवहार का प्रायोगिक विश्लेषण विकसित किया।
विरोधी विकल्पों का अंतर
एडवर्ड थॉर्नडाइक का संबंध संबंधवाद, प्रभाव के नियम तथा प्रयास एवं त्रुटि अधिगम से है; जॉन बी. वॉटसन को व्यवहारवाद के संस्थापक के रूप में जाना जाता है।
इवान पावलोव ने उद्दीपकों के साहचर्य के माध्यम से शास्त्रीय अनुकूलन स्थापित किया, न कि प्रयास एवं त्रुटि अधिगम।
जॉन बी. वॉटसन ने पद्धतिगत व्यवहारवाद की स्थापना की और शास्त्रीय अनुकूलन के सिद्धांतों को प्रयुक्त किया, किंतु शास्त्रीय अनुकूलन का उद्भव पावलोव के प्रयोगों से हुआ।
निष्कर्ष
अतः सही कथन है: क्रियाप्रसूत अनुकूलन के सिद्धांत का प्रतिपादन बी. एफ. स्किनर ने किया था।