अयोगवाह कहा जाता है—

20172021

अयोगवाह कहा जाता है—

  1. A.

    महाप्राण को

  2. B.

    अनुस्वार एवं विसर्ग को

  3. C.

    संयुक्त व्यंजन को

  4. D.

    अल्पप्राण को

Attempted by 8 students.

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Correct answer: B

संकल्पना (Concept)

हिंदी वर्णमाला को मुख्यतः दो वर्गों में बाँटा जाता है — स्वर (जैसे अ, आ, इ) और व्यंजन (जैसे क, ख, ग)। इनके अतिरिक्त दो ऐसी ध्वनियाँ हैं जो न तो पूर्ण रूप से स्वर हैं और न ही व्यंजन — इन्हें "अयोगवाह" कहा जाता है। परंपरागत हिंदी व्याकरण में अनुस्वार (ं) और विसर्ग (ः) को इसी विशेष श्रेणी में रखा गया है, क्योंकि ये स्वर के बाद प्रयुक्त होकर भी न तो पूर्ण स्वर हैं और न ही व्यंजन।

अनुप्रयोग (Application)

चूँकि अनुस्वार एवं विसर्ग दोनों ही स्वर-व्यंजन के मानक वर्गीकरण से बाहर स्वतंत्र ध्वनियाँ हैं, अतः इन्हीं दोनों को "अयोगवाह" कहा जाता है — यही सही उत्तर है।

तुलना (Contrast)

  • महाप्राण: ये वे व्यंजन हैं जिनके उच्चारण में वायु का अधिक दबाव लगता है (जैसे ख, घ, छ, झ)। ये व्यंजन वर्ग के अंतर्गत ही आते हैं, अयोगवाह नहीं।

  • संयुक्त व्यंजन: दो या अधिक व्यंजनों के मेल से बनी ध्वनियाँ (जैसे क्ष, त्र, ज्ञ) व्यंजन वर्ग का ही एक उपवर्ग हैं, स्वतंत्र अयोगवाह श्रेणी नहीं।

  • अल्पप्राण: कम वायु-दबाव वाले व्यंजन (जैसे क, ग, च, ज) भी व्यंजन वर्ग में ही वर्गीकृत होते हैं, अयोगवाह में नहीं।

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