बोधगम्यतादिए गए गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर प्रश्न के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर…

2026

बोधगम्यता

दिए गए गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर प्रश्न के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प का चयन कीजिए।

वे उपन्यास, जिनमें कथानक के माध्यम से किसी विशेष अंचल का चित्रण किया जाता है, आंचलिक उपन्यास के अंतर्गत आते हैं। अंचल का शाब्दिक अर्थ जनपद या क्षेत्र है। जिन उपन्यासों में किसी विशिष्ट क्षेत्र के जनजीवन का समग्र बिंबात्मक चित्रण होता है, उन्हें आंचलिक उपन्यास कहा जाता है। इन उपन्यासों का मूल उद्देश्य उस क्षेत्र विशेष की सभ्यता, संस्कृति, रहन-सहन, रूढ़ियों, सामाजिक परंपराओं, लोकजीवन, त्योहारों, पर्वों, भाषा-बोली, भूगोल, राजनीतिक चेतना तथा आर्थिक कठिनाइयों का चित्रण करना होता है।

आंचलिक उपन्यासकारों में फणीश्वरनाथ रेणु का प्रमुख स्थान है। उनका उपन्यास ‘मैला आँचल’ (1954 ई.) हिंदी के आंचलिक उपन्यासों में मील का पत्थर है। इसके कथानक में 1942 ई. से लेकर गांधीजी के निधन तक की परिस्थितियों का चित्रण किया गया है और कथानक की आधारभूमि बिहार के पूर्णिया जिले के मेरीगंज गाँव को बनाया गया है। यह एक पिछड़ा गाँव है, जहाँ हर वर्ग के लोग रहते हैं और उनके बीच पारस्परिक संघर्ष चलता रहता है। रूढ़िगत संस्कार, छुआछूत की भावना, आपसी संघर्ष और अंधविश्वास इस गाँव की प्रगति में बाधक हैं। जनता अब उन लोगों को पहचानने लगी है, जो आजादी मिलते ही खद्दर पहनकर देशभक्ति और जनसेवा का ढोंग करते हुए अपने स्वार्थ की पूर्ति करते हैं।

‘मैला आँचल’ का प्रकाशन कब हुआ था?

Answer: C. 1954 ई.अवधारणागद्यांश-आधारित तिथि-प्रश्न में मूल सिद्धांत यह है कि स्मृति अथवा अनुमान पर निर्भर रहने के बजाय स्रोत-गद्यांश में उल्लिखित कृति के साथ स्पष्ट रूप से दी…

  1. A.

    1980 ई.

  2. B.

    1900 ई.

  3. C.

    1954 ई.

  4. D.

    1930 ई.

Attempted by 36 students.

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Correct answer: C

अवधारणा

गद्यांश-आधारित तिथि-प्रश्न में मूल सिद्धांत यह है कि स्मृति अथवा अनुमान पर निर्भर रहने के बजाय स्रोत-गद्यांश में उल्लिखित कृति के साथ स्पष्ट रूप से दी गई तिथि का प्रयोग किया जाए।

विधि यह है कि कृति का शीर्षक खोजा जाए, उसके साथ उल्लिखित वर्ष पहचाना जाए और फिर यह सत्यापित किया जाए कि प्रश्न उसी घटना—उसके प्रकाशन—के विषय में पूछता है।

प्रयोग

  1. गद्यांश में फणीश्वरनाथ रेणु के उपन्यास ‘मैला आँचल’ का वर्णन है और शीर्षक के ठीक साथ ‘1954 ई.’ दिया गया है।

  2. चूँकि प्रश्न पूछता है कि ‘मैला आँचल’ कब प्रकाशित हुआ था, इसलिए शीर्षक और वर्ष का यह स्पष्ट संबंध अपेक्षित तिथि प्रदान करता है।

तुलना

दिए गए वर्ष विभिन्न कालक्रम-संबंधी दावों को दर्शाते हैं:

  • 1980 ई. प्रकाशन को बीसवीं शताब्दी के अंतिम चतुर्थांश में रखता है, जबकि गद्यांश में शीर्षक के साथ यह वर्ष संबद्ध नहीं है।

  • 1900 ई. प्रकाशन को शताब्दी के संधिकाल में रखता है, जबकि गद्यांश में शीर्षक के साथ यह वर्ष संबद्ध नहीं है।

  • 1930 ई. प्रकाशन को गद्यांश में शीर्षक के साथ उल्लिखित काल से पहले रखता है।

पुनः-जाँच

संबंधित वाक्य को आसपास के विवरणों के बिना पढ़ने पर भी ‘मैला आँचल (1954 ई.)’ ही प्राप्त होता है; अतः यह पहचान गद्यांश में दी गई किसी असंबद्ध तिथि पर निर्भर नहीं है।

निष्कर्ष

अतः प्रकाशन-वर्ष 1954 ई. है।

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