निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सही/सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प का…
2024
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सही/सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए।
इच्छा से प्रेरित होकर लोग उन्नति के मार्ग पर चलने लगते हैं। अपनी यात्रा के आरंभ में वे अपनी प्रगति में बाधा डालने वाली सैकड़ों व्यक्तिगत और सामाजिक खामियों का पता लगाते हैं। उन आदिमानवों ने सुख प्राप्त करने की अपनी सहज इच्छा से प्रेरित होकर भी इन खामियों के खिलाफ संघर्ष किया। हालाँकि प्रगति प्राप्त करने के लिए कोई व्यवस्थित तरीका उपलब्ध न होने के कारण वे बहुत कमजोर थे।
मानव अस्तित्व त्रिपक्षीय है - भौतिक, मानसिक और आध्यात्मिक। अपनी यात्रा के प्रारंभिक चरण में सुदूर अतीत के अंधेरे युग में मानव ने अकेले भौतिक और मानसिक क्षेत्रों में प्रगति की। मानव संरचना में रूपात्मक परिवर्तन अब भी हो रहे हैं और भविष्य में भी होंगे। मनुष्य भविष्य में ऐसे उल्लेखनीय परिवर्तनों से गुजरेगा जो आज के लोगों के लिए लगभग अपरिचित होंगे। हम यह नहीं कह सकते कि उन आरंभिक मनुष्यों ने वास्तव में कोई महत्वपूर्ण आध्यात्मिक प्रगति की थी। हालाँकि उन्होंने जो भी उन्नति की, वह किसी भी तरह से महत्वहीन नहीं थी।
आदिमानव ने ________ क्षेत्र में प्रगति की परंतु ________ क्षेत्र में प्रगति नहीं कर सका।
Answer: C. भौतिक, आध्यात्मिक — अपठित गद्यांश पर आधारित प्रश्नों में सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वही युग्म होता है जो गद्यांश के स्पष्ट कथनों से सर्वोत्तम रूप से समर्थित हो; बाहरी ज्ञान का सहारा…
- A.
आध्यात्मिक, भौतिक
- B.
भौतिक, मानसिक
- C.
भौतिक, आध्यात्मिक
- D.
मानसिक, भौतिक
Attempted by 6 students.
Show answer & explanation
Correct answer: C
अपठित गद्यांश पर आधारित प्रश्नों में सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वही युग्म होता है जो गद्यांश के स्पष्ट कथनों से सर्वोत्तम रूप से समर्थित हो; बाहरी ज्ञान का सहारा नहीं लिया जाता, निर्णय केवल गद्यांश में दिए संकेतों पर आधारित होता है।
गद्यांश स्पष्ट कहता है कि आदिमानव ने "भौतिक और मानसिक क्षेत्रों में प्रगति की" — अर्थात इन दोनों क्षेत्रों को प्रगति वाला बताया गया है। इसके विपरीत आध्यात्मिक क्षेत्र के विषय में गद्यांश निषेधात्मक रुख अपनाता है — "हम यह नहीं कह सकते कि उन आरंभिक मनुष्यों ने वास्तव में कोई महत्वपूर्ण आध्यात्मिक प्रगति की थी" — अर्थात उल्लेखनीय आध्यात्मिक प्रगति की पुष्टि नहीं होती। इसलिए पहला रिक्त स्थान प्रगति वाले क्षेत्र (भौतिक) से तथा दूसरा उस क्षेत्र (आध्यात्मिक) से भरना सर्वाधिक उपयुक्त है जिसमें गद्यांश प्रगति नहीं मानता।
"आध्यात्मिक, भौतिक" उपयुक्त नहीं, क्योंकि गद्यांश आध्यात्मिक प्रगति की पुष्टि नहीं करता, जबकि भौतिक क्षेत्र में प्रगति की पुष्टि करता है।
"भौतिक, मानसिक" उपयुक्त नहीं, क्योंकि गद्यांश मानसिक क्षेत्र को भी प्रगति वाले क्षेत्रों में गिनता है, अतः इसे प्रगति-रहित नहीं माना जा सकता।
"मानसिक, भौतिक" उपयुक्त नहीं, क्योंकि गद्यांश भौतिक क्षेत्र में प्रगति की स्पष्ट पुष्टि करता है, न कि प्रगति के अभाव की।
अतः "भौतिक, आध्यात्मिक" गद्यांश के दोनों कथनों से सर्वाधिक सुसंगत तथा सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर है।