कविता-शिक्षण की विधि है:

2018

कविता-शिक्षण की विधि है:

Answer: B. अर्थबोध प्रणालीसंकल्पनाकविता-शिक्षण की किसी प्रणाली की पहचान उस अधिगम-प्रक्रिया से होती है जिसे वह प्रमुखता देती है। हिंदी भाषा-शिक्षण के संदर्भ-ग्रंथों में कविता-शिक्षण की…

  1. A.

    लेखन प्रणाली

  2. B.

    अर्थबोध प्रणाली

  3. C.

    कौशल प्रणाली

  4. D.

    अक्षरबोध प्रणाली

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Correct answer: B

संकल्पना

कविता-शिक्षण की किसी प्रणाली की पहचान उस अधिगम-प्रक्रिया से होती है जिसे वह प्रमुखता देती है। हिंदी भाषा-शिक्षण के संदर्भ-ग्रंथों में कविता-शिक्षण की जिन प्रणालियों की चर्चा मिलती है, वे प्रमुखतः ये हैं —

  • अर्थबोध प्रणाली — कविता के अर्थ, भाव, बिंब-विधान और सौंदर्यात्मक प्रभाव का ग्रहण।

  • शब्दार्थ-कथन प्रणाली — कठिन शब्दों के अर्थ बताकर कविता तक पहुँचना।

  • व्याख्या प्रणाली — पंक्तिशः सप्रसंग व्याख्या।

  • समीक्षा प्रणाली — कविता का आलोचनात्मक विवेचन।

  • तुलना प्रणाली — दो कविताओं अथवा कवियों की तुलना।

  • रसास्वादन प्रणाली — रस एवं सौंदर्य की अनुभूति पर बल।

इनमें प्रत्येक प्रणाली का नामकरण इस आधार पर होता है कि वह अधिगम की किस प्रक्रिया को केंद्र में रखती है; लिपि का लेखन-अभ्यास अथवा पृथक् भाषा-यांत्रिकी का अभ्यास इस वर्गीकरण का आधार नहीं है।

अनुप्रयोग

प्रश्न कविता-शिक्षण की एक मान्य प्रणाली का नाम पूछता है, अर्थात् ऐसा पद जो कविता-शिक्षण के शास्त्र में प्रणाली के रूप में सूचीबद्ध हो। दिए गए पदों में अर्थबोध प्रणाली ही वह पद है जो उपर्युक्त सूची में आता है और कविता के अर्थ एवं भाव को ग्रहण कराने की प्रक्रिया को सीधे व्यक्त करता है।

विकल्पगत अंतर

  • लेखन प्रणाली — लिखित अभिव्यक्ति, वर्तनी तथा रचना-कार्य का क्षेत्र; यह कविता की व्याख्या या भाव-ग्रहण की प्रणाली के रूप में सूचीबद्ध नहीं है।

  • कौशल प्रणाली — श्रवण, वाचन, पठन और लेखन के सामान्य अभ्यास का व्यापक पद; यह कविता-शिक्षण की कोई विशिष्ट नामित प्रणाली नहीं है।

  • अक्षरबोध प्रणाली — प्रारंभिक साक्षरता का क्षेत्र, जिसमें शिक्षार्थी अक्षरों, मात्राओं और ध्वनियों की पहचान करते हैं; यह साहित्य-शिक्षण की प्रणाली नहीं है।

पुनःपुष्टि

कविता-शिक्षण की सामान्य पाठ-योजना में क्रम रहता है — आदर्श वाचन, अनुकरण वाचन, कठिन शब्दों का अर्थ-स्पष्टीकरण, फिर कविता के भाव एवं अर्थ का बोध। इस क्रम में जिस चरण पर बल दिया जाता है, उसी के आधार पर प्रणाली का नामकरण होता है; अर्थ-बोध पर बल देने वाली प्रणाली अर्थबोध प्रणाली कहलाती है। अतः उत्तर अर्थबोध प्रणाली है।

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