भाषा सीखने और भाषा अर्जित करने में अंतर का मुख्य आधार है –
2021
भाषा सीखने और भाषा अर्जित करने में अंतर का मुख्य आधार है –
Answer: C. भाषा का परिवेश — भाषा-शिक्षणशास्त्र के अनुसार (क्रैशन के भाषा-अर्जन–भाषा-अधिगम भेद में), किसी भाषा का अर्जन और किसी भाषा का अधिगम दो सैद्धांतिक रूप से भिन्न प्रक्रियाएँ हैं।…
- A.
भाषा की जटिलता
- B.
भाषा का सौंदर्य
- C.
भाषा का परिवेश
- D.
भाषा की प्रकृति
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Correct answer: C
भाषा-शिक्षणशास्त्र के अनुसार (क्रैशन के भाषा-अर्जन–भाषा-अधिगम भेद में), किसी भाषा का अर्जन और किसी भाषा का अधिगम दो सैद्धांतिक रूप से भिन्न प्रक्रियाएँ हैं। भाषा-अर्जन एक अवचेतन और स्वाभाविक प्रक्रिया है, जो सार्थक एवं सहज संप्रेषण के माध्यम से उसी प्रकार विकसित होती है, जैसे कोई बालक अपनी मातृभाषा आत्मसात करता है। भाषा-अधिगम एक सचेत और औपचारिक प्रक्रिया है, जिसमें भाषा के नियमों, व्याकरण और संरचना का सुविचारित एवं व्यवस्थित रूप से अध्ययन किया जाता है।
दिए गए चार विकल्पों में, इन दोनों प्रक्रियाओं के बीच के अंतर को सर्वाधिक उपयुक्त रूप से स्पष्ट करने वाला कारक भाषायी परिवेश है। भाषा-अर्जन सामान्यतः ऐसे परिवेश में विकसित होता है, जहाँ शिक्षार्थी को भाषा का स्वाभाविक एवं संप्रेषणपरक संपर्क निरंतर प्राप्त होता है; इसके विपरीत, भाषा-अधिगम सामान्यतः कक्षा जैसे औपचारिक और शिक्षण-केंद्रित परिवेश में विकसित होता है। अतः सीटीईटी की प्रश्नगत दृष्टि में भाषा-संपर्क और प्रयोग का परिवेश—एक ओर स्वाभाविक एवं संप्रेषणपरक और दूसरी ओर औपचारिक एवं नियम-केंद्रित—इस भेद का मुख्य आधार माना जाता है, न कि स्वयं भाषा का कोई आंतरिक गुण।
शेष विकल्पों के परीक्षण से स्पष्ट होता है कि उनमें से कोई भी इस भेद का आधार नहीं बन सकता:
जटिलता: किसी भाषा की व्याकरणिक जटिलता उसकी आंतरिक संरचना का गुण है। जटिल और सरल—दोनों प्रकार की भाषाओं का अर्जन अथवा अधिगम हो सकता है; इसलिए जटिलता इन दोनों प्रक्रियाओं के बीच भेद स्थापित नहीं करती।
सौंदर्य: किसी भाषा का सौंदर्य एक साहित्यिक एवं सौंदर्यपरक गुण है; इसका इस बात से कोई संबंध नहीं है कि भाषा का अर्जन हो रहा है या अधिगम।
प्रकृति: किसी भाषा की प्रकृति, जैसे उसकी रूपात्मक अथवा वाक्यविन्यासात्मक संरचना, उसका अंतर्निहित भाषायी अभिलक्षण है; यह वह कारक नहीं है जो निर्धारित करता है कि उस भाषा का अर्जन हो रहा है या अधिगम।
अतः भाषा-अधिगम और भाषा-अर्जन के बीच भेद का मुख्य आधार भाषायी परिवेश है।