कक्षा सात का विद्यार्थी आलम कन्नड़, मराठी, हिंदी और अंग्रेजी — चार भाषाएँ…

2024

कक्षा सात का विद्यार्थी आलम कन्नड़, मराठी, हिंदी और अंग्रेजी — चार भाषाएँ जानता है। घर में जब वह अपने माता-पिता के साथ बात करता है तो प्रवाह के साथ चारों भाषाएँ बोलता है और विद्यालय में वह हिंदी, कन्नड़ तथा अंग्रेजी बोलता है क्योंकि उसके मित्रों व अध्यापकों को यही भाषाएँ आती हैं। इस स्थिति को किस रूप में जाना जाएगा?

Answer: A. परभाषिक (ट्रांसलिंग्युअल) योग्यतासंकल्पना: बहुभाषी व्यक्ति की भाषाएँ अलग-अलग डिब्बों में नहीं रहतीं, वे मिलकर एक ही समग्र भाषिक भंडार (linguistic repertoire) बनाती हैं। जब वक्ता इस पूरे भंडार…

  1. A.

    परभाषिक (ट्रांसलिंग्युअल) योग्यता

  2. B.

    कोड जाल (कोड मेशिंग)

  3. C.

    कोड से आगे जाना (कोड मूविंग)

  4. D.

    अन्तरभाषा (इंटरलैंग्युएज)

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Correct answer: A

संकल्पना: बहुभाषी व्यक्ति की भाषाएँ अलग-अलग डिब्बों में नहीं रहतीं, वे मिलकर एक ही समग्र भाषिक भंडार (linguistic repertoire) बनाती हैं। जब वक्ता इस पूरे भंडार को एक जुड़ी हुई प्रणाली की तरह बरतता है और श्रोता, विषय तथा परिवेश के अनुसार उसमें से भाषाएँ चुनकर सार्थक संप्रेषण करता है, तो इस समग्र क्षमता को परभाषिक (ट्रांसलिंग्युअल) योग्यता कहा जाता है। यह किसी एक उक्ति के भीतर घटने वाली इकाई-स्तरीय प्रविधि न होकर संदर्भ-संवेदी समग्र योग्यता है।

प्रयोग (इस प्रश्न पर): आलम के भंडार में चार भाषाएँ हैं — कन्नड़, मराठी, हिंदी और अंग्रेजी। घर पर माता-पिता के साथ वह चारों का प्रवाहपूर्ण प्रयोग करता है, क्योंकि वहाँ श्रोताओं के पास भी चारों भाषाएँ हैं। विद्यालय में वह हिंदी, कन्नड़ और अंग्रेजी तक सिमट जाता है, क्योंकि मित्रों तथा अध्यापकों का साझा भंडार यही तीन भाषाएँ हैं। अर्थात् भाषा का चुनाव श्रोता के साझा भंडार से तय हो रहा है और आलम अपने पूरे भंडार को परिवेश के अनुसार लचीले ढंग से बरत रहा है — यही परभाषिक योग्यता का लक्षण है।

निकटवर्ती पदों से तुलना:

  • कोड मेशिंग — एक ही पाठ या उक्ति के भीतर दो या अधिक भाषाओं की सामग्री को शैलीगत रूप से बुनना; यह उक्ति-स्तर की प्रविधि है, परिवेश के अनुसार भाषा-चयन की समग्र योग्यता नहीं।

  • कोड मूविंग — शाब्दिक अर्थ "किसी कोड से आगे बढ़ जाना"; भाषाविज्ञान की स्वीकृत शब्दावली में यह किसी परिभाषित प्रक्रिया का नाम न होकर गढ़ा हुआ लेबल है।

  • अन्तरभाषा (इंटरलैंग्युएज) — द्वितीय भाषा सीखते समय अधिगमकर्ता के भीतर बनने वाली मध्यवर्ती, विकासशील प्रणाली, जिसमें मातृभाषा और लक्ष्य भाषा दोनों के लक्षण एक साथ पाए जाते हैं; आलम चारों भाषाओं में प्रवाहपूर्ण है, अधिगम की मध्यवर्ती अवस्था में नहीं।

निष्कर्ष: अतः इस स्थिति को परभाषिक (ट्रांसलिंग्युअल) योग्यता के रूप में जाना जाएगा। (CTET Paper 2, जनवरी 2024 की अधिकृत उत्तर-कुंजी से पुष्ट।)

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