प्रकाशन वर्ष की दृष्टि से डॉ. हरिवंश राय बच्चन की रचनाओं का सही अनुक्रम है

2019

प्रकाशन वर्ष की दृष्टि से डॉ. हरिवंश राय बच्चन की रचनाओं का सही अनुक्रम है

Answer: B. मधुशाला, मधुबाला, मधुकलश, निशा निमन्त्रणकिसी लेखक या कवि की रचनाओं का कालानुक्रम तय करने का सिद्धांत यह है कि उसका आधार रचना की मूल प्रकाशन तिथि (जिस वर्ष वह पहली बार प्रकाशित हुई) होती है —…

  1. A.

    मधुशाला, मधुबाला, निशा निमन्त्रण, मधुकलश

  2. B.

    मधुशाला, मधुबाला, मधुकलश, निशा निमन्त्रण

  3. C.

    मधुकलश, मधुबाला, मधुशाला, निशा निमन्त्रण

  4. D.

    निशा निमन्त्रण, मधुशाला, मधुकलश, मधुबाला

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Correct answer: B

किसी लेखक या कवि की रचनाओं का कालानुक्रम तय करने का सिद्धांत यह है कि उसका आधार रचना की मूल प्रकाशन तिथि (जिस वर्ष वह पहली बार प्रकाशित हुई) होती है — विषयवस्तु की समानता, लोकप्रियता या पठन-क्रम इसका आधार नहीं होते।

रचना

प्रकाशन वर्ष

मधुशाला

1935

मधुबाला

1936

मधुकलश

1937

निशा निमन्त्रण

1938

चूँकि 1935 से 1938 तक यही आरोही वर्ष-क्रम है, अतः डॉ. हरिवंश राय बच्चन की इन चार रचनाओं का सही प्रकाशन-अनुक्रम है: मधुशाला, मधुबाला, मधुकलश, निशा निमन्त्रण।

शेष तीन क्रम इसी वर्ष-क्रम से अलग हटकर बनाए गए हैं:

  • मधुशाला, मधुबाला, निशा निमन्त्रण, मधुकलश — यह क्रम मधुकलश और निशा निमन्त्रण के वास्तविक प्रकाशन-वर्षों की अदला-बदली करता है।

  • मधुकलश, मधुबाला, मधुशाला, निशा निमन्त्रण — यह क्रम सबसे पहले प्रकाशित रचना मधुशाला को तीसरे स्थान पर रखकर वर्ष-क्रम को उलट देता है।

  • निशा निमन्त्रण, मधुशाला, मधुकलश, मधुबाला — यह क्रम सबसे बाद में प्रकाशित रचना को सबसे पहले तथा मधुबाला को सबसे अंत में रखकर पूरा क्रम अस्तव्यस्त कर देता है।

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