‘कक्षा के बहुभाषिक और बहुसांस्कृतिक संदर्भों के प्रति संवेदनशीलता का विकास…
2019
‘कक्षा के बहुभाषिक और बहुसांस्कृतिक संदर्भों के प्रति संवेदनशीलता का विकास करना’—
Answer: D. हिंदी भाषा शिक्षण का एक मुख्य उद्देश्य है। — भाषा-शिक्षण की आधुनिक शिक्षाशास्त्रीय समझ (NCF 2005 और NCERT के शिक्षक-प्रशिक्षण ढाँचे के अनुरूप) कक्षा की भाषाई एवं सांस्कृतिक विविधता को शिक्षण में बाधा…
- A.
भाषा-नीति की जटिल समस्या है।
- B.
हिंदी भाषा-शिक्षण के प्रति अरुचि का कारण है।
- C.
हिंदी भाषा शिक्षण में एक जटिल समस्या है।
- D.
हिंदी भाषा शिक्षण का एक मुख्य उद्देश्य है।
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Correct answer: D
भाषा-शिक्षण की आधुनिक शिक्षाशास्त्रीय समझ (NCF 2005 और NCERT के शिक्षक-प्रशिक्षण ढाँचे के अनुरूप) कक्षा की भाषाई एवं सांस्कृतिक विविधता को शिक्षण में बाधा नहीं, बल्कि एक संसाधन मानती है। शिक्षकों और पाठ्यक्रम में इस विविधता के प्रति संवेदनशीलता विकसित करना इसीलिए भाषा-शिक्षण के घोषित उद्देश्यों में गिना जाता है, न कि इसकी कठिनाइयों या नकारात्मक परिणामों में।
प्रस्तुत कथन—‘कक्षा के बहुभाषिक और बहुसांस्कृतिक संदर्भों के प्रति संवेदनशीलता का विकास करना’—ठीक इसी उद्देश्य-उन्मुख समझ को व्यक्त करता है: यह शिक्षार्थियों की भिन्न भाषिक-सांस्कृतिक पृष्ठभूमियों को पहचानने और उनके प्रति ग्रहणशील बनने की सायास कोशिश है, इसलिए यह हिंदी भाषा-शिक्षण के मुख्य उद्देश्यों में से एक है।
शेष विकल्प इसी कथन को भिन्न और असंगत रूपों में प्रस्तुत करते हैं:
इसे भाषा-नीति के दायरे का मुद्दा बताना शिक्षण-अभ्यास और नीति-निर्णय के बीच के अंतर को नज़रअंदाज़ करता है।
इसे शिक्षार्थियों में अरुचि का कारण बताना इसे शिक्षाशास्त्रीय दृष्टि से ठीक विपरीत परिणाम के रूप में रखता है, जबकि संवेदनशीलता विकसित करना अभिप्रेरण बढ़ाने के लिए किया जाता है।
इसे हिंदी-शिक्षण की आंतरिक कठिनाई बताना इसे किसी लक्ष्य के बजाय एक समस्या के रूप में रखता है।
अतः चारों में से केवल वही विकल्प इस उद्देश्य-उन्मुख कथन के अनुरूप है जो इसे हिंदी भाषा-शिक्षण के मुख्य उद्देश्य के रूप में स्वीकार करता है।